सुगंध !

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सुगंध भी क्या एहसास है,जहां से गुज़र जाओ इसके लाती कोई याद अपने साथ है,

तुम्हारे हाथों का जो एहसास है देखो बरसों बाद भी उसकी सुगंध मेरे हाथों के आस पास है,

प्रेम में हम सुगंधित ही तो हो जाते हैं ,सुगंध में भीगे मस्त होके एक दूजे के करीब आते हैं,

मैं गुज़रा आज यूंही तुम्हारी गली से फिर बरसों बाद,वो खिड़की जिसके पास बोगनवेलिया कि गुलाबी रंगत हमेशा रहती है,उस खिड़की में सुगंध आज भी बातें करती है,

नज़र उठाकर बार बार देखना न हुआ मुझसे,उसको देखकर मेरे अंदर भी पुरानी बंद एक खिड़की खुलती जैसी है,

खुल गई तो सुगंध दूर तलक चली जायेगी,मुझे मालूम है तुम तक जो पहुंची तो फिर तुम्हे भी सताएगी,

बरसों बरस बीत गए यूंही जिस मोड़ पे थे तन्हा हुए,तुम्हारी खिड़की से सामने ही तो दिखता है,

खैर मेरा भी रोज़ का रास्ता नहीं है,सोचता हूं मगर की उस मोड़ की तन्हा कर देने वाली सुगंध का क्या तुमसे कोई भी वास्ता नहीं है,

एक मैं हूं जो खिड़की की और फिर मोड़ की यादों से सराबोर होकर घर पहुंचा हूं,

घर !!!!!! घर की सुगंध तो तुम साथ ले गई !

धीर धरो

Keep walking,Image on pexels

कभी कभी हमें बहुत तेज़ भी नहीं भागना चाहिए,

और यह डर भी नहीं होना चाहिए कि आप पीछे छूट जायेंगे,

हर एक की जगह है इस दुनिया में इस जीवन में,

और उसकी जगह महफूज़ है उसी के लिए,

उस दरख़्त कि छांव पे गर नाम तुम्हारा लिखा है,

तो वो दरख़्त शायद दूसरों को बस पतझड़ के मौसम में दिखा है,

दरख़्त को काटना यां दरख़्त तक पहले पहुंचना मकसद नहीं है,

दरख़्त तुम्हारे लिए है गर तो बस वो वहीं है,

तुम अधीर होना छोड़ दो,दुनिया के दांव पेंच से घबराना छोड़ दो,

छोड़ दो अपनी इस फिक्र को और देखो की कैसे खुद तुम्हारा ज़िक्र हो,

आंखो से देखो नीले अम्बर को और कदमों से छूलो कर्म की माटी को,

तुम बस चलो और महसूस करो ,वही जो तुम्हे महसूस करके महफूज़ रखे,

दरख़्त तक,उसकी छांव तक गर तुम्हे पहुंचना है तो तुमने पहुंच ही जाना है !

कुछ पूरा कुछ अधूरा !

In me ,can you see ! Image on pexels

कुछ बर्फ थी शायद,कुछ भीगी भीगी सड़क भी थी,कुछ दूर सूरज भी था ज़रा ज़रा सा,कुछ रंग भी था गहरा हरा हरा सा,मौसम मगर पूरा सफेद था !!!पूरे सफेद में रंगो का कुछ तो शेष था !💕

Goodness is so overwhelming 💕

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I was just watching YouTube and there is a channel of a guy x ,he belongs to a village y and was sharing with the viewers about his first payment from youtube.I found that interesting and than shifted to a next video of his in that he shared a gift box he received in that remote village from one of his subscribers.As the unboxing happens ,there is whole lot of stuff for his whole family,there was a saree for her mother too.The way her mother thanked on the video will just fill you with so much of love and warmth.It was so good to watch the human selfless act,the subscriber who gifted him wishes for his happiness in the comment section wanted nothing in return.By only watching the video it filled me with so much happiness about the goodness we as humans possess.The very basic ability of ours to connect to others beyond boundaries.

It was such a selfless act that it made you reflect on what as a human we acheive and we lack.At present where people are just not able to think out of the self created world of ambitions and desires ,there are people who are just living in a very simplistic way they can and perhaps we can somehow relate to this self less act which we must also have performed in our lives.

Each of us possess both good and the bad factors,looking at crime stories you were deeply hurt trying to understand how complex and cruel human mind can be and looking at such examples it just radiates happiness.

May we be able to create such moments of happiness in ours,our family, our surroundings ,our geographies,our Nation,and in our very own world.


सुकून की जो मैं तलाश करूं तो नील गगन को टक टक देखूं,सुकून को जो मैं हासिल कर लूं तो अपनी मुस्कान को न देखूं न ही छू पाऊं,सुकून इतना अंदर और फिर भी इतना अनछुआ रहता है,तलाश जिसकी बाहर उसका हमेशा अंदर मकां रहता है 💕

दिन को खुशबू सा महकने दो 💕

बहुत लोगों को शिकायत सी हो चली है प्रेम के दिन से यां प्रेम से ,इक पहेली यह भी है,तो वो जिनको लगता है कि यह प्रेम दिन तो बड़ा अजीब है उनको बस थोड़ा ज़रा खुद के आना और करीब है ……….

Love is magical,Image on pexels

वो लम्हे जिनमें हम बांवरेे से होते हैं,कहीं खोये कहीं मस्त हुऐ रहते हैं,

उन लम्हों से गुज़र कर जब हम आगे को चल दिए होते हैं,पीछे मुड़कर कभी उनको नहीं देखते हैं,

वो जब सामने हमारे फिर से दिख रहे होते हैं,

हम यह चाहते हैं कि जवानी के जीवन क्यूं संभल नहीं रहे होते हैं,

जवां दिल कभी संभले से भी संभल सकते हैं क्या उनके अंदर रोज़ सैलाब नये होते हैं,

इश्क़ के मौसमों में हम जो उस दहलीज़ से पार हो चुके होते हैं बहुत बार उनको टोक देते हैं जो हाल फिलहाल प्रेम से दो चार हुए होते हैं,

खोलिए दिल के समंदर को और देखिए प्रेम में डूबे अनेक ज़िंदगियों के मंज़र को,

दुआ दीजिए उनको की जिनको जादू का अनुभव हुआ है,याद कीजिए खुद को कि उनकी उम्र में आपने भी तो जादू को छुआ है,

प्रेम के रंग प्रेम के दिन प्रेम का जीवन,प्रेम को बहने दो वो जो निर्मल सा एहसास है उसको ज़िंदा रहने दो !!

डूब कर पाना है 💕

Colours of love,poetry by mutmaeenlife, Image on Canva

इश्क़ वो एहसास है जो लिखावट को लाता कुछ ज़्यादा आपके पास है,अपनी मर्ज़ी से ही तो चलकर आते हैं दोनों “इश्क़” और “लिखावट”,बुलाने से तो अब तलक आए नहीं दोनों 💕

सब समान !!

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कैसे होते हैं सब समान ,मुझको आज भी नहीं है पहचान,

कुछ हमेशा खाने वाले हैं,कुछ हमेशा खिलाने वाले,

वो जहां सभी खा रहे हों और वही सभी बना रहे हों ऐसी देखी नहीं मैंने कोई दुकान,

कुछ खरीदने वाले हैं कुछ बेचने वाले हैं,वो बेचनेवाले भी खरीदने वाले बन जाएं उसी बाज़ार ,मेरे आंखों से ऐसा मंज़र हुआ नहीं कभी पार,

वो जो हाथ पत्थर तोड़ते इमारतों को हकीकत का रूप देते हैं,वो जो इमारतों में रह रहे होते हैं,पथरीले हाथ सजीले हाथ के कभी होते नहीं समान ,जहां से गुज़र जाओ बस असमान ही असमान,

कैसी दुनिया बनाई है तूने ओ भगवान,यहां हर एक को क्यूं नहीं नसीब एक जैसा मकाम,

हां मगर तू सबके घर में है मुझे उम्मीद है कि फर्क नहीं होगा तुझको की घर अमीर का यां गरीब का है यह जान,

मगर सब समान कैसे हो सकते हैं,मुझको आज भी नहीं है पहचान,

मुझे लगता है कि तुझको भी नहीं है!! होती तो कहीं तो किसी ओर किसी छोर जाकर बराबरी होती !!

शाम को आना है

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शाम को घर आना है,सभी को शाम को घर आना है,

देखो न गुलाबी आकाश में परिंदो ने छेड़ा वापसी का कितना प्यारा तराना है,

कभी एक कभी दो पंख फड़फड़ाते चले जा रहे हैं

आंखों से ओझल हुए जा रहे हैं,

अपने अपनों के पास जाना है,

शाम को घर आना है ,सभी को शाम को घर आना है,

बस किसकी शाम कितनी लंबी होगी,इसका न कोई ठिकाना है,

शामों के इंतजार में कुछ को दिन तो कुछ को जीवन बिताना है !

फिदा 💕

Way to patnitop, Udhampur,Jammu province,J&k photo by mutmaeenlife

कभी कुछ ऐसा बन पायेगा जो नज़र सा पारखी हो,निरमा सुपर छोड़कर…. नज़र जो कैद कर लेती है वो ज़ाहिर नहीं कर पाती,जो ज़ाहिर की बात आती है तो फिर बहुत कहीं कुछ कमी रह जाती है…कुदरत की यही अदा है ,वो हमारी आंखों पर किसी भी कैमरा से ज़्यादा फिदा है 💕

खिड़कियां

To the windows ,I belong Image on pexels

आखिर यह है क्या,

ईंट की दीवार में खुद को फसाये हुऐ यां बसाए हुए,

कस के जीवन भर जुड़ के रहती है,दीवार को मालूम होगा कि खिड़की असल में उससे क्या कहती है,

मगर यह मुझसे इतना कुछ कैसे साझा करती है,

जहां भी जाऊं मैं यह साथ मेरे रहती है,

मेरे मन की परेशानियों के अंधकार को यह अपने अंदर आती रोशनी से दूर कर देती है,मानो जादू की पुड़िया संजोय रखती है ,

कोई भी अनजान जगह इसके पास बैठकर अपनी सी हो जाती है,

शहर कितना भी भटकूं इसको देखकर शाम रंगीन हो जाती है,

यह खिड़कियां मानो हों मेरी अनगिनत सहेलियां,

सहेलियां जो खामोशी में सबसे ज़्यादा बोलती हैं जो साथ रहकर हर गम को संग झेलती हैं,

कहीं थोड़ी बड़ी,कहीं छोटी,कहीं कुछ लंबी,कहीं बस एकदम सही ,लगी हुई दीवारों में ,मुझसे बातें करती हैं,

कभी कहती हैं चाय हमको भी पिलाओ तुम कभी मैं इनसे मन के भेद खोलती हूं,

यूं लगता है कि मैं बस खिड़कियों की होती हूं,

और खिड़कियां मेरी,

नज़र ना लग जाए इनको इसलिए रात में पर्दों से ढक देती हूं,

ढकने से पहले कुछ देर चांद तारों से भी यही बात करवाती हैं,

सोचती हूं आखिर यह हैं क्या,

ईंट की दीवार में खुद को फसाए हुए यां बसाए हुए

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