उड़ान

उड़ना तो है मुझे,मगर देखो यह चील की उड़ान कितनी अदभुत है, एक बार पंख फड़फड़ाने पर कितनी दूर तक एक ही लय में चलती है, मुझे यह पसंद है,एक बार में एक ही लय में लंबा सफर, यूं लगता है यही तो जीवन है, उड़ते उड़ते मैं जब ऐसे एक ही उड़ान में पंख […]

क्या करूं !

बहुत सी अधूरी बातों ,बहुत से अधूरे ख्वाबों को याद करते पीछे छूट जाने वाले यह सोचते हैं कि आगे अब कुछ भी रखा है !!! To the immense pain and suffering fellow countrymen must be going through,I wish n pray for them to be stronger and to survive this wave,and praying for everyone who […]

कुछ ❤️

तुम मुझको दे दो बारिश की बूंदें कुछ, मैं उसमें पा लूंगी अपना सब कुछ, वो अंदर अंदर जाती जाती, सब कुछ पे मरहम लगा देंगी, नई खुशियों को नई उम्मीदों को वो रिमझिम बन मुझपर बरसा देंगी, मैं उनको मिलना चाहती हूं, उन्हें गले लगाना चाहती हूं, तुम गर साथ नही तो, उसकी कीमत […]

“आस” मेरे पास

मैं खोई थी, न मालूम सोई थी यां रोई थी, अवसाद जैसे मौसम में, सबके अंदर उदासी सी जैसे बोई थी, तभी अचानक वो आ गई, उसकी बोली सुनके मैं जैसे जाग सी गई, सभी कुछ अंत नहीं हुआ है !! देखो वो आ रही है, अब भी रोज़ अपनी आवाज़ से मुझको बुला रही […]

छुप जाओ कुछ देर !

आजकल सूर्य आसमां में जलता हुआ नज़र आता है, सुबह हो शाम हो धधकता लाल प्रकाश उसमें समाता है, यूं प्रतीत होता है सब धरा पर तड़प तड़प कर,अग्नि में भस्म होकर,सूर्य तक पहुंच गए हैं, हे सूर्य तुम तो न उनको जलाओ,उनके अपनों को आंखों को और न तपाओ, बुलाओ बारिश को और तुम […]

दुख !!!

दुख आपको कुछ करने नहीं देता, लिखने को बस दर्द वाली कलम है देता, असहाय होने का एहसास बार बार चुभता, व्यवस्था के नाम पे मज़ाक कुछ काम नही करता, सांसों का अभाव मृत्यु का दबाव, सांसों के अभाव में दम तोड़ती हर जिंदगी की कातिल “व्यवस्था” है, दुख देख के दुख लग जाता है, […]

हम साथ और हम एक हैं

जो देश से हार चुके हैं वो कबका देश से बाहर जा चुके हैं,अपनी अपनी जगह सब सही हैं,जो देश में हैं उनमें से कुछ जूझ रहे हैं मौका मिलने पर बाहर जाने की राह में और कुछ मौका बनाकर यहीं कुछ करने की चाह में,यहीं का उगता सूरज और यहीं के चांद के मोह […]